Ayodhya Verdict: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की अहम बातें

अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने फैसला सुना दिया है. 40 दिनों तक चली सुनवाई के बाद शनिवार को इस दशकों पुराने मामले में पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से अपना फैसला दिया.

इस फैसले की अहम बातें

  • जहां पर बाबरी मस्जिद के गुंबद थे वो जगह हिन्दू पक्ष को मिली.
  • अदालत ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ अलग उपयुक्त जमीन दी जाए.
  • जमीन पर हिंदुओं का दावा उचित है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर अयोध्या पर एक कार्ययोजना तैयार करने का कहा है.
  • पक्षकार गोपाल विशारद को मिला पूजा-पाठ का अधिकार.
  • कोर्ट ने नि​र्मोही अखाड़ा का राम जन्मभूमि मंदिर का प्रबंधक होने का दावा भी खारिज कर दिया है. लेकिन संविधान के अनुच्छेद 142 में अपने विशेषा​धिकार का इस्तेमाल करते हुए केन्द्र सरकार को निर्देश दिया है कि परिसर में निर्मोही अखाड़ा की ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए उसे मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट के मैनेजमेंट में उचित स्थान दिया जाए.
  • आस्था के आधार पर मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता.
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैरा 805 में सुप्रीम कोर्ट ने ​निर्मोही अखाड़े के मुकदमे को निश्चित मियाद के बाद दायर करने के कारण रद्द कर दिया है.
  • बाबरी मस्जिद के नीचे एक संरचना पाई गई है जो मूलतः इस्लामी नहीं थी. विवादित भूमि पर अपने फैसले में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि पुरातत्व विज्ञान को नकारा नहीं जा सकता.
  • अंदर के चबूतरे पर कब्जे को लेकर गंभीर विवाद रहा है. 1528 से 1556 के बीच मुसलमानों ने वहां नमाज़ पढ़े जाने का कोई सबूत पेश नहीं किया गया.
  • बाहरी चबूतरे पर मुसलमानों का कब्जा कभी नहीं रहा. 6 दिसंबर की घटना से यथास्थिति टूट गई.
  • सुन्नी वक्फ बोर्ड इस स्थान के इस्तेमाल का सबूत नहीं दे पाया.
  • बाहरी चबूतरे पर हमेशा से हिन्दुओं का कब्जा रहा. ऐतिहासिक यात्रा वृतांतों को भी ध्यान में रखा गया है.
  • ऐतिहासिक यात्रा वृतांत बताते हैं कि सदियों से मान्यता रही है कि अयोध्या ही राम का जन्मस्थान है.
  • हिन्दुओं की इस आस्था को लेकर कोई विवाद नहीं है. आस्था उसे मानने वाले व्यक्ति की निजी भावना है.
  • मस्जिद मीर बाकी ने बनाई थी, अदालत के लिए धर्मशास्त्र के क्षेत्र में दखल देना अनुचित होगा.

इस ऐतिहासिक फैसले पर किसने क्या कहा

विश्व हिन्दू परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि यह किसी की हार नहीं है और सौहार्द कायम रहना चाहिए.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है. ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व, विश्वास और प्रेम का है.”

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने शीर्ष अदालत की ओर से मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन दिए जाने के फैसले पर असहमति जताई.

राम जन्मभूमि और बाबरी विवाद के सबसे उम्रदराज़ याचिकाकर्ता रहे दिवंगत हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा है कि वह अदालत के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं.

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