भाजपा नेता अरुण जेटली का निधन

नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया. वो 66 साल के थे.

बीते 9 अगस्त से अरुण जेटली एम्स में इलाज करा रहे थे. एम्स की प्रवक्ता आरती विज ने मीडिया के लिए जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि जेटली ने शनिवार को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली.

पिछले सप्ताह शनिवार शाम को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जेटली का हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे. इससे पहले 9 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे.

इसी महीने सांस लेने में समस्या के चलते अरुण जेटली को नई दिल्ली के एम्स में भर्ती किया गया था. उन्हें आईसीयू में रखा गया था.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर अरुण जेटली के निधन पर दुख व्यक्त किया. शाह ने ट्वीट में कहा,’अरुण जेटली जी के निधन से अत्यंत दुःखी हूँ, जेटली जी का जाना मेरे लिये एक व्यक्तिगत क्षति है. उनके रूप में मैंने न सिर्फ संगठन का एक वरिष्ठ नेता खोया है बल्कि परिवार का एक ऐसा अभिन्न सदस्य भी खोया है जिनका साथ और मार्गदर्शन मुझे वर्षो तक प्राप्त होता रहा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर अरुण जेटली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया.

उन्होंने लिखा, “मैंने एक अहम दोस्त खो दिया है, जिन्हें दशकों से जानने का सम्मान मुझे प्राप्त था. मुद्दों पर उनकी समझ बहुत अच्छी थी. वो हमें अनेक सुखद स्मृतियों के साथ छोड़ गए. हम उन्हें याद करेंगे.”

एक और ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि बीजेपी और अरुण जेटली के बीच एक ना टूटने वाला बंधन था. उनके मुताबिक, “एक तेजस्वी छात्र नेता के तौर पर उन्होंने आपातकाल के समय हमारे लोकतंत्र की सबसे आगे होकर रक्षा की थी. वो हमारी पार्टी के लोकप्रिय चेहरा थे. जिन्होंने समाज के अलग-अलग तबकों तक पार्टी के कार्यकर्मों और विचारों को स्पष्ट रूप से पहुंचाया.”

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अरुण जेटली के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अपने दोस्त और बहुमूल्य सहयोगी के निधन से दुखी हूं. राजनाथ ने कहा कि वह पेशे से बेहतरीन वकील और जुनून से कुशल राजनेता थे.

कांग्रेस पार्टी ने अपने हैंडल से ट्वीट किया कर श्रद्धांजलि व्यक्त की है, “हम श्री अरुण जेटली के निधन से बेहद दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं.”

इस साल मई में जेटली ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वो नई सरकार में कोई जिम्मेदारी नहीं चाहते हैं. उन्होंने लिखा था कि बीते 18 महीनों से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिसके कारण वह कोई पद नहीं लेना चाहते हैं.

वकालत से राजनीति में आए अरुण जेटली बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे. अरुण जेटली 1980 में भाजपा की स्थापना के समय से सदस्य थे. जेटली 1999 भाजपा प्रवक्ता बनाए गए. साल 2002 में उन्हें भाजपा महासचिव बनाया गया. साल 2019 में एलजेपी को साथ रखने में जेटली ने अहम भूमिका अदा की थी.

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