वाड्रा-चिदंबरम किसी की भी जांच करा लो, लेकिन राफेल पर जवाब दोः राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

दरअसल अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ ने खुलासा किया है कि फ्रांस सरकार के साथ राफेल डील को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से की जा रही डील के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के दखल का फायदा फ्रांस को मिला था. पीएमओ की इस दखल का रक्षा मंत्रालय ने विरोध भी किया था.

राहुल गांधी ने हिंदू अखबार में छपी इस खबर के हवाले से कहा, “एक साल से कह रहा हूं कि प्रधानमंत्री राफेल डील से सीधे जुड़े हुए हैं.”

राहुल गांधी ने ये भी कहा कि सरकार राबर्ट वाड्रा या पी चिदंबरम या जिसके खिलाफ जो भी जांच करानी है, कराए लेकिन राफेल डील पर हमारे सवालों के जवाब भी दे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “युवाओं, सेना के जवानों से बात करना चाहता हूं. प्रधानमंत्री ने स्वयं वायुसेना के 30 हजार करोड़ रुपये चोरी करके अपने दोस्त अनिल अंबानी को दिया है.”

‘द हिंदू’ में छपी खबर के अनुसार 7.87 बिलियन डॉलर के विवादित राफेल डील पर दोनों देशों की ओर से शीर्ष स्तर पर हो रही बातचीत में पीएमओ के ‘सामानांतर दखल’ का भारतीय रक्षा मंत्रालय ने जमकर विरोध किया था. पीएमओ के ‘सामानांतर दखल’ के कारण रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की टीम सौदे को लेकर बातचीत कमजोर पड़ गई. 24 नवंबर, 2015 को इसे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के संज्ञान में लाया गया.

राहुल गांधी ने कहा, “पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने झूठ बोला, फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठ बोला. सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार ने झूठ बोला है.”

पिछले दिनों पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात के दौरान राफेल डील पर बातचीत के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि वह उनसे मिले थे, लेकिन राफेल पर उनसे कोई बातचीत नहीं हुई थी.

‘द हिंदू’ अखबार के पहले पन्ने पर वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की एक रिपोर्ट छपी है, जिसमें 24 नवंबर, 2015 रक्षा मंत्रालय का इंटरनल नोट भी छपा है जिसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय और उसके सौदे से जुड़ी टीम से अलग दखल पीएमओ ने दिया था. इस नोट में ये भी कहा गया है कि पीएमओ के दखल देने से इस डील में भारत की स्थिति कमजोर हो रही है.

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