बजट 2019:आयकर छूट की सीमा 5 लाख रुपये लेकिन किसान और मजदूरों को क्या मिलेगा?

नरेंद्र मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का शुक्रवार को आखिरी बजट पेश किया गया. वित्त मंत्री अरुण जेटली की गैरमौजूदगी में दूसरी बार मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने पहली बार बजट पेश किया. इस बजट में 5 लाख तक की सालाना आय वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

दरअसल अरुण जेटली बीमार चल रहे हैं और इस समय अमरीका में अपना इलाज करवा रहे हैं. लोकसभा चुनाव की वजह से केवल शुरूआती चार वित्तीय महीनों के लिए यह अंतरिम बजट पेश किया गया है. इसमें नए वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीने के खर्च के लिए संसद से मंजूरी ली गई है.

1948 से चुनावी साल में अंतरिम बजट की परंपरा जारी है. लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी. इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण भी जुलाई में ही पेश किया जाएगा.

इनकम टैक्स

मीडिल क्लास को लुभाने लिए टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख रुपए तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. डेढ़ लाख रुपए का निवेश करेंगे तो 6.5 लाख की सालाना आय टैक्स फ्री हो जाएगी. स्टैंडर्ड डिडक्शन पहले 40 हजार रुपए था, अब 50 हजार रुपए किया गया है.

बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस में छूट 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की गई है. किराए से होने वाली 2.40 लाख रुपए तक की आमदनी पर टीडीएस नहीं लगेगा. पहले यह सीमा 1.80 लाख रुपए थी.

दो करोड़ रुपए तक के कैपिटल गेन पर निवेश की सीमा एक घर से बढ़ाकर दो घर की गई. यह छूट जीवन में एक बार मिलेगी. अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में अगर घर बुक करा रहे हैं तो उसके ब्याज पर मिलने वाली छूट 31 मार्च 2020 तक बढ़ाई गई. दूसरा घर होने पर उसके किराए से होने वाली आय को इनकम टैक्स में दो साल तक दिखाने की जरूरत नहीं है.

किसान-मजदूरों को क्या मिला?

इस बजट में रखे गए प्रावधानों के अनुसार दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिये जाएंगे. ये छह हजार दो-दो हजार के तीन किस्त में मिलेंगे.

इससे 12 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा. पहली दिसंबर 2018 से इस योजना को लागू किया जाएगा. जल्द ही सूचियां बना कर उनके खाते में इसकी पहली किस्त भेजी जाएंगी. इसके लिए सरकार ने 75 हज़ार करोड़ का बजट रखा है.

सरकार ने मानधन श्रमधन योजना का ऐलान भी किया है. इसके तहत मजदूरों को कम से कम तीन हजार रुपये महीने का पेंशन मिलेगा. इस योजना के तहत 10 करोड़ मजदूरों को पहुंचेगा पेंशन का लाभ.

इसके अलावा 21 हजार रुपए तक के वेतन वाले लोगों को 7 हजार रुपये तक का बोनस मिलेगा. श्रमिक की मौत होने पर मुआवजा अब बढ़ा कर छह लाख रुपये किया गया है.

रेलवे के लिए क्या कहा

इस बजट को पेश करते हुए पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘रेलवे में विकास कार्यों के लिए 1.58 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है. पिछले साल सरकार ने इसके लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए थे.’’

‘‘ब्रॉडगैज नेटवर्क पर सभी मानवरहित क्रॉसिंग खत्म की जा चुकी हैं. देश में विकसित हुई सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस लोगों को विश्व स्तरीय सफर का एहसास कराएगी. मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को पहली बार रेलवे के नक्शे पर लाया गया है.’’

अंतरिम बजट में पीयूष गोयल ने ये सारे प्रावधान वित्तीय साल 2019-20 के लिए किए गए हैं.

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