नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम को उम्रकैद

नाबालिग से बलात्कार के मामले में जोधपुर की अदालत ने आसाराम बापू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.  

अदालत ने अपने फैसले में उम्र कैद की सजा को जस्टिफाई करते हुए कहा है कि दोषी आखिरी सांस तक जेल में ही रहेगा. मतलब आसराम जबतक जिंदा रहेगा उसे जेल में ही रहना होगा. उसे एक लाख रुपए के जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.

आसाराम के अलावा शिवा, शरतचंद्र, शिल्पी और प्रकाश इस मामले में अभियुक्त हैं. अदालत ने शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सजा सुनाई. इस मामले में आसाराम के आश्रम के रसोइया प्रकाश और आसाराम के निजी सचिव रहे शिवा को बरी कर दिया गया.

दोषी करार दिए गए शरत छिंदवाड़ा आश्रम के डायरेक्टर थे जहां पीड़ित लड़की पढ़ाई करती थी. जबकि शिल्पी छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन थीं. प्रकाश आसाराम के आश्रम के रसोइया थे जबकि शिवा आसाराम के निजी सचिव थे.

रिपोर्ट के मुताबिक जिस समय आसाराम को कोर्ट ने सजा सुनाई वह टूट गया और फूट-फूट कर रोने लगा. बता दें कोर्ट रूम में पत्रकारों को जाने की अनुमति नहीं थी.

हालांकि मीडिया चैनलों ने वहां मौजूद एक शख्स के हवाले से बताया कि आसाराम को जब उम्र कैद की सजा सुनाई गई वह कोर्ट में ही रो पड़ा.

शख्स ने बताया कि आसाराम के वकीलों ने जज के समक्ष दलील दी कि उसकी उम्र ज्यादा हो गई है. वह संत रहा है. आपराधिक प्रवति का नहीं रहा है. आसाराम के करोड़ों अनुयायी हैं. इसलिए उसे कम सजा दी जाए, लेकिन कोर्ट ने बचाव पक्ष की किसी भी दलील को नहीं माना.

कोर्ट ने माना आसाराम का अपराध इन सब से ऊपर है. पत्रकार ने जब पूछा कि आसाराम की हमेशा आदत रही है कि कोर्ट में वह ड्रामा करता है. इसपर शख्स ने कहा कि वह ड्रामा करने की स्थिति में नहीं था. क्योंकि जज जब फैसला सुना देते हैं तो वह आखिरी होता है. इसके बाद कोर्ट रूम से जज साहब चले जाते हैं.

आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि, ‘आसाराम दोषी करार दिए जाने से हमें इंसाफ मिला है. इस लड़ाई में हमारा साथ देने वाले सभी लोगों को हम धन्यवाद करते हैं.’

वहीं आसाराम की प्रवक्ता ने कहा कि हम आगे की कार्रवाई के लिए अपने लीगल टीम से चर्चा कर रहे हैं, हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है.

जोधपुर कोर्ट में सुनवाई का समय सुबह साढ़े आठ बजे तय किया गया था. तय समय से सुनवाई शुरू हुई. फैसले को लेकर आसाराम के समर्थक कहीं उपद्रव ना शुरू कर दें इसे देखते हुए जोधपुर शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है. इस बीच राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को सुरक्षा कड़ी करने और अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा गया है.

आसाराम पर आरोप था कि जोधपुर के निकट मनाई आश्रम में साल 2013 में उन्होंने 16 साल की लड़की का रेप किया था. लड़की के माता-पिता आसाराम के भक्त थे.

एक दिन जब लड़की स्कूल में गिर गई थी तो माता-पिता उसे लेकर इलाज के लिए आसाराम के आश्रम गए थे. पुलिस के मुताबिक वहीं आश्रम में आसाराम ने लड़की के साथ बलात्कार किया था.

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